रायपुर । लॉकडाउन के लिए धारा 144 प्रभावशील है। इसके उल्लंघन के मामले में मंगलवार को जगदलपुर के गोलबाजार में मनीहारी और पूजन सामग्री बेचने वाले कमल पटवा को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके यहां दो पैकेट आटा और तेल का पाउच भी रखा था। इसके साथ ही पुलिस ने चार और व्यापारियों को पकड़ा है। सोमवार को जिन 17 कारोबारियों को पुलिस ने पकड़ा था उनके खिलाफ धारा 188, 269 और 270 के तहत अपराध दर्ज कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया।
इन कारोबारियों को जैसे ही न्यायालय परिसर में ले जाया गया वैसे ही इनकी जमानत के लिए मौके पर जगदलपुर के कांग्रेस विधायक रेखचंद जैन, चेंबर अध्यक्ष किशोर पारख व अन्य लोग यहां पहुंच गए। एक ओर कानून तोड़ने वालों वालों को कलेक्टर अय्याज तंबोली और एसपी दीपक झा खुद पकड़-पकड़ कर थाने ला रहे हैं तो दूसरी ओर नेता इस मामले में भी राजनीति करने से चूक नहीं रहे हैं। विधायक कोरोना जैसे गंभीर वायरस के खतरों को जानने के बाद भी कारोबारियों की जमानत कराने पहुंच गए। देर शाम सभी 17 कारोबारियों को जमानत मिल गई है, जबकि मंगलवार को पकड़े गए 5 कारोबारियों में से किसी को जमानत नहीं मिल सकी है।
बेल्जियम से आया युवक, किसी को नहीं बताया, पुलिस ने भिजवा दिया अस्पताल
जगदलपुर| झंकार चौक इलाके में रहने वाला एक युवक हाल ही में बेल्जियम से लौटा है। उसने इसकी जानकारी न तो प्रशासन को दी न ही डाॅक्टरों को दी। वह चुपचाप ही अपने घर पर रहने लगा और घर वालों ने भी इसकी जानकारी किसी को नहीं दी। युवक के बेल्जियम से लौटने की खबर किसी ने पुलिस तक पहुंचा दी। इसके बाद मंगलवार को पुलिसकर्मियों का एक दल युवक के घर पहुंचा और इस बात की शिनाख्त की कि उनके परिवार का कोई सदस्य बेल्जियम से आया है या नहीं। पुलिस के पहुंचते ही परिवार के सदस्यों ने हामी भरी।
इसके बाद पुलिस ने युवक को मेडिकल जांच करवाने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस के युवक के घर तक पहुंचने के बाद मेडिकल टीम भी एक्टिव हो गई है। हालांकि युवक को होम आइसोलेशन में रखा गया है या नहीं इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. केएल आजाद और महारानी हॉस्पिटल के सिविल सर्जन डॉ विवेक जोशी ने ऐसे किसी युवक के मिलने या हॉस्पिटल जांच के लिए लाए जाने से इंकार कर दिया है। हालांकि पुलिस अफसर दावा कर रहे हैं कि उनके सक्रिय होने के बाद मेडिकल टीम पहुंची थी।
न कोई नया संदिग्ध आया न कोई भर्ती हुआ: कोरोना के संदिग्ध की जांच के लिए मंगलवार को कोई नया संदिग्ध हॉस्पिटल नहीं पहुंचा है। इस दौरान कोई नया मरीज भी भर्ती नहीं किया गया है। अब तक 6 लोगों की जांच कराई गई है सभी के रिपोर्ट निगेटिव आ गए हैं।
ओडिशा सीमा सील, बिना जांच के 50 यात्रियों से भरी बस को अनुमति दे दी
जगदलपुर| ओडिशा सीमा सील होने के बाद भी मंगलवार की शाम तीर्थयात्रियों से भरी बस को बस्तर क्षेत्र से होकर जाने की अनुमति दी गई है। ये सभी पुरी से आ रहे थे और बिलासपुर जा रहे थे। छग सीमा में इन्हें रोक दिया गया। इन तीर्थयात्रियों ने न तो मास्क लगाया था और न ही सुरक्षा के उपाय ही किए थे, ये सभी कई राज्यों की यात्रा कर लौट रहे थे। काफी देर सीमा पर खड़े रहने के बाद इन्हें छग की सीमा में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
तीर्थयात्रियों ने बताया कि उनके बीच एक डीएसपी के परिवार वाले भी हैं, इसलिए उच्चाधिकारियों ने उन्हें जाने की अनुमति दे दी है। जिसके बाद शाम 4.33 बजे 50 तीर्थ यात्रियों से भरी बस को बस्तर की सीमा से गुजरने दिया गया। लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बस चालक को बीच में कहीं रुके बिना सीधे बिलासपुर जाने की हिदायत दी।
अंबिकापुर में सैर-सपाटा करने निकले लोगों को पकड़ा, 18 के वाहन किए जब्त
अंबिकापुर|कोरोना वायरस के संक्रमण को खत्म करने हर स्तर पर भीड़ रोकने कोशिश की जा रही है। पुलिस वाले खतरा मोल लेकर चौक-चौराहों में लोगों को रोक रहे हैं, लेकिन सैर सपाटा के चक्कर में लोग मान नहीं रहे हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस ने सख्ती बरतते हुए एमवी एक्ट की कार्रवाई शुरू की तो कुछ ही घंटे में 200 से अधिक मामले सामने आ गए। सिर्फ गांधीनगर पुलिस ने 147 वाहन चालकों पर कार्रवाई की और इनसे 36 हजार से अधिक जुर्माना वसूल किया। इसी प्रकार कोतवाली व मणिपुर पुलिस ने लगभग सौ वाहन चालकों पर एमव्ही एक्ट की कार्रवाई कर उन पर जुर्माना वसूल किया है। पुलिस अब वाहन जब्त करने लगी है। गांधीनगर पुलिस ने करीब 18 वाहनों को जब्त किया है, जिनमें कई चार पहिया वाहन भी शामिल हैं। भास्कर ने मंगलवार को लाॅक डाउन के दौरान शहर की स्थिति की जानकारी ली।
तो कई जगह बाइकों में तीन सवारी तो कोई लंबी व बड़ी गाड़ियों में शहर में सड़कों पर नजर आया।
जशपुर में कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज के लिए हुआ मॉक ड्रिल
जशपुरनगर|नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित या पॉजिटिव मरीज के आने पर उससे निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन कितना तैयार है, इसे जांचने मंगलवार को मॉक ड्रिल किया गया। आइसोलेशन वार्ड में मॉक ड्रिल कर वीडियो जांच के लिए भेजा गया है। अब राज्य स्तरीय जांच के बाद इसमें आवश्यक सुधार के लिए गाइड लाइन दिया जाएगा। मॉक ड्रिल में मरीज के लक्षण पहचानने, मरीज को बैड पर लिटाने, उसे प्राथमिक चिकित्सा देने, सांस लेने की तकलीफ होने पर उसे ऑक्सीजन देने, संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर व स्टाफ नर्स को पूरी तरह से खुद को मास्क से कैसे पैक करें इसे करके दिखाया गया। इसके साथ ही पूरे अस्पताल को संक्रमण से कैसे बचाकर रखें इसे भी माॅक ड्रिल किया गया। माॅक ड्रिल के वक्त आइसोलेशन वार्ड के दस मीटर की दूरी पर ही रिबन लगा दिया गया था। ताकि इस क्षेत्र में लोगों का प्रवेश ना हो।
जो डॉक्टर व स्टाफ नर्स भीतर घुसे थे उन्होंने वार्ड से बाहर निकलकर ग्लब्स, मास्क सहित उपरी कपड़ों को उतारा और हैंड वॉश से हाथ धोकर सेनिटाइजर लगाया। इसके बावजूद उन्होंने खुद को सेनिटाइज करने के लिए ओपीडी के लिए एक अलग कमरा रखा।